2026 टी20 वर्ल्ड कप में एक ऐसा दिन आया जिसने क्रिकेट प्रशंसकों को हैरान कर दिया। जिस मुकाबले पर ऑस्ट्रेलिया की किस्मत टिकी थी, वही मैच बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गया। पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच अहम मुकाबला होना था, लेकिन सुबह से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मैदान को पूरी तरह से भिगो दिया। अंपायरों ने करीब ढाई घंटे तक इंतजार किया, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः मैच को रद्द घोषित कर दिया गया।
इस फैसले का सीधा फायदा जिम्बाब्वे को मिला, जिसने अंक तालिका में जरूरी बढ़त हासिल करते हुए सुपर-8 में प्रवेश कर लिया। वहीं ऑस्ट्रेलिया, जो आयरलैंड की जीत की उम्मीद लगाए बैठा था, टूर्नामेंट से बाहर हो गया। क्रिकेट इतिहास में ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि एक मजबूत टीम की किस्मत किसी दूसरे मैच के परिणाम पर टिकी हो और वह भी मौसम के कारण तय हो जाए। इस अप्रत्याशित मोड़ ने ग्रुप का पूरा समीकरण बदल दिया।
2009 के बाद पहली बार लीग स्टेज से बाहर ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम का लीग स्टेज से बाहर होना अपने आप में बड़ी खबर है। 2009 के बाद यह पहला मौका है जब कंगारू टीम टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती चरण से ही बाहर हो गई है। इस बार टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। जिम्बाब्वे से मिली हार ने उनके अभियान को पहले ही झटका दे दिया था। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ हार ने स्थिति और भी मुश्किल कर दी।
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— ICC (@ICC) February 17, 2026
ऑस्ट्रेलियाई टीम को अंतिम उम्मीद आयरलैंड से थी। अगर आयरलैंड जिम्बाब्वे को हरा देता तो अंक तालिका में बदलाव संभव था और ऑस्ट्रेलिया की सेमीफाइनल की राह खुली रह सकती थी। लेकिन बारिश ने वह मौका ही नहीं दिया। बिना टॉस और बिना खेल के मुकाबला रद्द होने से अंक बांट दिए गए और जिम्बाब्वे को वह फायदा मिल गया जिसकी उसे जरूरत थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह टूर्नामेंट कई सवाल छोड़ गया है—रणनीति, टीम चयन और दबाव में प्रदर्शन पर अब गंभीर चर्चा होगी।
पहली बार सुपर-8 में एंट्री
जिम्बाब्वे की टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार जज्बा दिखाया है। सिकंदर रजा की अगुवाई में टीम ने बड़े मुकाबलों में बेखौफ क्रिकेट खेली। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर जिम्बाब्वे ने पहले ही संकेत दे दिया था कि वह इस बार सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास बनाने आई है। उसी जीत ने अंक तालिका में उसे बढ़त दिलाई और अब बारिश से रद्द हुए मैच ने उसकी राह और आसान कर दी।
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में यह पहला मौका है जब जिम्बाब्वे सुपर-8 चरण तक पहुंची है। इससे पहले वह 2022 में सुपर-12 तक पहुंची थी, लेकिन इस बार टीम ने एक कदम आगे बढ़ाया है। सीमित संसाधनों और कम अनुभव के बावजूद जिम्बाब्वे ने साबित किया कि आत्मविश्वास और सही रणनीति से किसी भी बड़ी टीम को चुनौती दी जा सकती है। खिलाड़ियों के चेहरे पर दिखी खुशी इस ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाही दे रही थी।
सुपर-8 की तस्वीर साफ, आखिरी स्थान पर रोमांच जारी
अब तक सुपर-8 के लिए सात टीमें अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। भारत, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे अगले दौर में पहुंच चुके हैं। अब आखिरी स्थान के लिए पाकिस्तान और यूएसए के बीच मुकाबला है। अगर पाकिस्तान अपना अंतिम लीग मैच हार जाता है तो वह भी टूर्नामेंट से बाहर हो सकता है। इस तरह सुपर-8 से पहले ही टूर्नामेंट में जबरदस्त रोमांच बना हुआ है।
बारिश ने भले ही ऑस्ट्रेलिया के अभियान पर विराम लगा दिया हो, लेकिन इसने यह भी दिखा दिया कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। कभी एक गेंद मैच बदल देती है और कभी मौसम पूरा टूर्नामेंट। 2026 टी20 वर्ल्ड कप में यह दिन लंबे समय तक याद रखा जाएगा—एक ऐसा दिन जब बिना टॉस के ही एक दिग्गज टीम का सफर खत्म हो गया और एक उभरती टीम ने इतिहास लिख दिया।
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