बिहार के खगड़िया जिले से मिड-डे मील योजना को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। चौथम प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय, भूतौली में बच्चों को परोसे गए दोपहर के भोजन में कथित तौर पर मरा हुआ सांप मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, कई बच्चों ने जैसे ही खाना खाया, कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और बेचैनी जैसी शिकायतें होने लगीं। स्कूल प्रशासन के सामने अचानक हालात बिगड़ गए और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बीमार बच्चों की संख्या बढ़ने पर उन्हें तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 20 से अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं और सभी की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
परिजनों का फूटा गुस्सा, जांच और कार्रवाई की उठी मांग
घटना की खबर मिलते ही बच्चों के परिजन बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच गए। अपने बच्चों की हालत देखकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल प्रशासन तथा मिड-डे मील व्यवस्था के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की सही तरीके से जांच नहीं की जाती, जिसके कारण बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
सहरसा की घटना ने भी बढ़ाई थी चिंता
यह पहली बार नहीं है जब बिहार में मिड-डे मील को लेकर इतनी गंभीर लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले सहरसा जिले के महिषी प्रखंड स्थित एक सरकारी विद्यालय में भी भोजन के दौरान कथित तौर पर सांप का बच्चा मिलने का मामला सामने आया था। उस घटना के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उस समय सोशल मीडिया पर एक छात्र की थाली में मिले कथित सांप के बच्चे का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था। राहत की बात यह रही कि डॉक्टरों की समय पर मिली चिकित्सा से सभी बच्चों की जान बच गई थी। अब खगड़िया की घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिड-डे मील व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने मिड-डे मील योजना की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह योजना बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से चलाई जाती है, लेकिन यदि भोजन की गुणवत्ता से समझौता होगा तो बच्चों की सेहत खतरे में पड़ सकती है। शिक्षा और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन तैयार करने से लेकर उसे परोसने तक हर चरण की नियमित जांच और निगरानी जरूरी है। साथ ही भोजन बनाने वाले कर्मियों को स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए। खगड़िया की घटना के बाद स्थानीय प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग तक पर जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों की व्यवस्था पर बना रहे।
Read More-10 रुपये की बात से उजड़ गया एक परिवार, 10 साल की बच्ची के साथ स्कूल में ऐसा क्या हुआ कि दे दी जान?
