Rahu Dangerous Yog in Kundli: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु और केतु को पापी ग्रह माना गया है। जिस जातक की कुंडली में राहु और केतु की अशुभ स्थिति होती है उसे कभी भी शुभ फल नहीं मिलेगा। किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में शुभ और अशुभ दोनों प्रकार के योग बनते हैं। कुंडली में कुछ अशुभयोग भी होते हैं जो जीवन में समस्याएं रोग और असफलता का कारण बनते हैं।
राहु के साथ मिलकर सहयोग बनाते हैं ये ग्रह
राहु और चंद्रमा: राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उसे योग्य के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानी आने लगती हैं। इसी युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
राहु और मंगल: राहु और मंगल की जब-जब युति बनती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है इस योग के निर्माण से प्रभावित जातकों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ सकती हैं।
राहु और गुरु: राहु और गुरु का योग शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव रहता है जब भी राहु और गुरु की युति बनती है। तब ऐसे व्यक्ति की आयु लंबी होती है लेकिन समय पर जीवन में छोटी-छोटी परेशानियां भी आती रहती हैं।
राहु और सूर्य: धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान राहु और सूर्य को ग्रास करता है। राहु और सूर्य का योग बनता है तब पिता पुत्र में विवाद होता है।
शनि और राहु: राहु और शनि का योग बनता है तब व्यक्ति बहुत ही रहस्यमयी हो जाता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में राहु और शनि की युति बन जाती है तब ऐसा व्यक्ति गलत तरीके से पैसे कमाना शुरू कर देता है।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। UP Varta News इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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