सूर्य-गुरु: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य और गुरु एक-दूसरे से चौथे या दसवें भाव में स्थित होते हैं, तब केंद्र दृष्टि योग बनता है। 9 अप्रैल 2026 को बनने वाला यह विशेष योग कई राशियों के लिए अस्थिरता लेकर आ सकता है। सूर्य जहां आत्मबल, सत्ता और अहंकार का प्रतीक है, वहीं गुरु ज्ञान, विस्तार और विवेक का कारक माना जाता है। इन दोनों ग्रहों के बीच असंतुलन होने पर व्यक्ति के फैसलों में जल्दबाजी और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
इन 5 राशियों पर रहेगा सबसे ज्यादा असर
इस ग्रह योग का प्रभाव खासतौर पर पांच राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है। इन राशियों के जातकों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और आत्मविश्वास की अधिकता देखने को मिल सकती है, जो कई बार नुकसानदायक साबित हो सकती है। परिवार में खासकर पिता या बड़े बुजुर्गों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे काम प्रभावित हो सकता है।
आर्थिक मामलों में बरतें विशेष सावधानी
इस दौरान आर्थिक मामलों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। अचानक खर्च बढ़ने की संभावना है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर ही लें, क्योंकि जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान दे सकता है। किसी को उधार देना या नया वित्तीय जोखिम लेना इस समय टालना ही बेहतर रहेगा। अधूरे कामों में रुकावटें भी देखने को मिल सकती हैं।
करियर और प्रतिष्ठा पर भी पड़ सकता है असर
यह योग कार्यक्षेत्र में भी चुनौती लेकर आ सकता है। आपकी बातों का गलत अर्थ निकाला जा सकता है, जिससे छवि प्रभावित हो सकती है। अति-उत्साह में लिया गया कोई भी निर्णय करियर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे समय में संयम और धैर्य से काम लेना जरूरी है। विवादों से दूर रहें और अपने शब्दों पर नियंत्रण रखें, यही आपके लिए सबसे सुरक्षित रास्ता होगा।
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