रमजान का महीना चल रहा है और देशभर में मस्जिदों में रोजेदार शाम के वक्त इफ्तार के लिए जुट रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक मस्जिद के अंदर रोजेदारों के बीच एक बंदर आराम से बैठा है। अजान होते ही जब लोग रोजा खोलने के लिए खजूर और अन्य खाने की चीजें निकालते हैं, तो वह बंदर भी उनके साथ इफ्तार करता नजर आता है। हैरानी की बात यह है कि वहां मौजूद लोग उसे भगाने की कोशिश नहीं करते, बल्कि वह भी शांति से उनके बीच बैठा रहता है। यह दृश्य लोगों को हैरान भी कर रहा है और भावुक भी।
रोज शाम इफ्तार के समय पहुंच जाता है मेहमान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट के अनुसार, यह बंदररोज शाम इफ्तार के समय मस्जिद में पहुंच जाता है। बताया जा रहा है कि अजान से पहले ही वह आकर किसी कोने में बैठ जाता है और जैसे ही रोजेदार इफ्तार शुरू करते हैं, वह भी उनके साथ खाना खाने लगता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंदर किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहा और लोग भी उसे अपनापन दिखा रहे हैं। इफ्तार खत्म होने के बाद वह शांतिपूर्वक वहां से चला जाता है। इस अनोखे मेलजोल ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। कई लोग इसे इंसान और जानवर के बीच भरोसे और संवेदनशीलता की मिसाल बता रहे हैं।
रोजेदारों के साठ आराम से बैठ कर लंगूर इफ्तार कर रहें है, और ये लंगूर रोज साम के टाइम आ जाते हैं, और इफ्तार होने तक आराम से इफ्तार करके वापस जाते हैं! pic.twitter.com/9Hed6gFRWr
— Karishma Aziz Qureshi (@karishma_aziz97) February 26, 2026
सोशल मीडिया पर आईं दिलचस्प प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने इसे “रहमत और इंसानियत की तस्वीर” बताया, तो कुछ ने हल्के-फुल्के अंदाज में लिखा कि लगता है इस लंगूर को भी इफ्तार का टाइम याद हो गया है। कई लोगों ने कमेंट किया कि धर्म का असली संदेश करुणा और दया है, जो इस दृश्य में साफ दिखाई दे रहा है। कुछ यूजर्स ने इसे आध्यात्मिक सुकून का पल बताया, जहां इंसान और जानवर बिना किसी डर या दूरी के साथ बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो ने यह दिखा दिया कि प्रकृति और इंसान के बीच सामंजस्य संभव है, अगर व्यवहार में संवेदनशीलता हो।
इंसानियत और प्रकृति का अनोखा संगम
यह वीडियो सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि एक संदेश भी देता है। रमजान का महीना संयम, सब्र और रहमदिली का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में मस्जिद के अंदर बंदर का शांतिपूर्वक बैठकर इफ्तार करना कई लोगों के लिए सकारात्मक संकेत बन गया है। हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि जंगली जानवरों के साथ सावधानी बरतना जरूरी है, लेकिन इस दृश्य में किसी तरह की अफरा-तफरी नजर नहीं आई।
कुल मिलाकर, रमजान के इस पवित्र महीने में सामने आया यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे इंसानियत, सह-अस्तित्व और दया का प्रतीक मान रहे हैं। आने वाले दिनों में भी यह वीडियो लोगों के बीच ऐसे ही साझा होता रहेगा और शायद यह याद दिलाता रहेगा कि दया और अपनापन किसी एक जाति या प्रजाति तक सीमित नहीं है।
