हर पायलट के जीवन में एक दिन ऐसा आता है, जब आसमान से रिश्ता औपचारिक रूप से खत्म हो जाता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के वरिष्ठ पायलट कैप्टन ओम के लिए वह दिन बेहद भावुक बन गया। 23 साल तक हजारों यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने वाले कैप्टन ओम ने जब अपनी आखिरी उड़ान के लिए घर से कदम बाहर रखा, तो सबसे पहले उन्होंने अपने माता-पिता से आशीर्वाद लिया। यही दृश्य उनके वायरल वीडियो की शुरुआत बनता है। वीडियो में उनकी बेटी की आवाज सुनाई देती है, जो कहती है कि “आखिर वह दिन आ ही गया।” यह सिर्फ एक नौकरी का अंत नहीं था, बल्कि एक ऐसे सपने का पूर्ण विराम था, जिसे उन्होंने दो दशक पहले देखा था। कैप्टन ओम बताते हैं कि पायलट बनने से पहले ही उन्हें करीब दो साल तक कठिन ट्रेनिंग से गुजरना पड़ा। इसके बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ उनका लंबा और गौरवशाली सफर शुरू हुआ, जिसे वे अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं।
एयरपोर्ट पर भावुक माहौल: फूल, केक और परिवार जैसा अपनापन
जब कैप्टन ओम आखिरी बार ड्यूटी पर एयरपोर्ट पहुंचे, तो माहौल सामान्य नहीं था। सहकर्मियों ने उन्हें फूलों और केक के साथ विदाई दी। हर चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन आंखों में नमी भी साफ दिख रही थी। सभी जानते थे कि आज सिर्फ एक पायलट रिटायर नहीं हो रहा, बल्कि टीम का एक अहम हिस्सा कॉकपिट को हमेशा के लिए अलविदा कह रहा है। वीडियो में साफ झलकता है कि उनके साथी उन्हें सिर्फ एक सीनियर ऑफिसर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानते थे। फ्लाइट में चढ़ने के बाद कैप्टन ओम ने यात्रियों से एक खास घोषणा की, जिसने पूरे केबिन को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि आज की उड़ान उनके लिए बेहद खास है, क्योंकि पहली बार उनकी पत्नी और बेटी इस फ्लाइट में उनके साथ यात्रा कर रही हैं—और यही उनकी आखिरी उड़ान भी है। उन्होंने मुस्कुराते हुए यात्रियों को भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वे 23 साल के अनुभव के साथ उन्हें सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाएंगे।
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फर्स्ट ऑफिसर से इंस्ट्रक्टर तक का सफर
वीडियो का एक हिस्सा कैप्टन ओम के करियर की झलक दिखाता है। वे बताते हैं कि कैसे उन्होंने फर्स्ट ऑफिसर के रूप में शुरुआत की और धीरे-धीरे कैप्टन बने। इसके बाद उन्होंने चेक पायलट, इंस्ट्रक्टर और एग्ज़ामिनर जैसी जिम्मेदार भूमिकाएं निभाईं। उनके शब्दों में आत्मविश्वास और संतोष दोनों झलकते हैं। वे कहते हैं कि उन्हें लगता है कि अपने करियर में उन्होंने वह सब हासिल कर लिया, जिसका एक पायलट सपना देखता है। हजारों युवा पायलटों को ट्रेनिंग देना उनके लिए गर्व की बात रही। कई बार उन्होंने कठिन हालात में फैसले लिए और कई बार दूसरों को वही फैसले लेना सिखाया। कैप्टन ओम का मानना है कि उड़ान सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का नाम है। यही वजह है कि वे अपने पूरे करियर को संतोष और कृतज्ञता के साथ देखते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो लोगों को यह भी याद दिला रहा है कि हर यूनिफॉर्म के पीछे सालों की मेहनत और त्याग छिपा होता है।
एयरक्राफ्ट को चूमकर विदाई
वीडियो का सबसे भावुक पल अंत में आता है, जब कैप्टन ओम अपने विमान को चूमकर अलविदा कहते हैं। यह सिर्फ एक मशीन को विदाई नहीं थी, बल्कि उस साथी को धन्यवाद कहना था, जिसने सालों तक उनका साथ दिया। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने अपने दिवंगत पिता को याद किया और लिखा कि उनके पिता ही उनके सबसे बड़े प्रेरणा-स्त्रोत थे—एक बेहतरीन पायलट और एक शानदार इंसान। यह शब्द पढ़कर हजारों लोग भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर लोग कैप्टन ओम को उनके शानदार करियर के लिए सलाम कर रहे हैं और उनके वीडियो को प्रेरणादायक बता रहे हैं। 23 साल की सेवा के बाद उनकी आखिरी उड़ान सिर्फ एक रिटायरमेंट नहीं, बल्कि उस समर्पण की कहानी है, जो हर पेशे में ईमानदारी से काम करने वालों को खास बनाती है। कैप्टन ओम भले ही अब कॉकपिट में नजर न आएं, लेकिन उनकी यह आखिरी उड़ान लंबे समय तक लोगों के दिलों में याद के रूप में उड़ती रहेगी।
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