मुंबई महानगरपालिका चुनाव के नतीजों की गिनती अभी पूरी भी नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले ही सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई के मेयर पद पर खुलकर दावा ठोक दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर और बीजेपी नेता राहुल नार्वेकर ने साफ कहा है कि इस बार मुंबई का मेयर बीजेपी का होगा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि जनता ने विकास और स्थिर नेतृत्व के नाम पर वोट दिया है और रुझान बीजेपी के पक्ष में जा रहे हैं। बीएमसी चुनाव इस बार बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर लड़ा है, जिसे महायुति का नाम दिया गया। ऐसे में मेयर पद को लेकर गठबंधन के भीतर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि आधिकारिक नतीजों में अभी समय है, लेकिन बीजेपी का यह दावा राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे रहा है।
सीटों का गणित और रुझानों की तस्वीर
मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 सीटें हैं, जो इसे देश की सबसे बड़ी नगर निकायों में शामिल करती हैं। इस चुनाव में बीजेपी ने 136 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जबकि शिवसेना शिंदे गुट ने 90 सीटों पर प्रत्याशी मैदान में उतारे। खबर लिखे जाने तक सामने आए रुझानों में बीजेपी और उसके सहयोगी 118 सीटों पर बढ़त बनाए हुए दिख रहे हैं। वहीं उद्धव ठाकरे गुट 67 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि कांग्रेस 15 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अन्य दल और निर्दलीय उम्मीदवार करीब 11 सीटों पर आगे बताए जा रहे हैं। कुछ वार्डों के नतीजे घोषित भी हो चुके हैं। रुझानों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि बीएमसी पर लंबे समय से चली आ रही उद्धव ठाकरे गुट की पकड़ इस बार कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जो मुंबई की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
महायुति की खुशी और मुख्यमंत्री का बयान
रुझानों के सामने आते ही बीजेपी और शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया है। कई इलाकों में समर्थक रंग-गुलाल उड़ाते और ढोल-नगाड़े बजाते दिखाई दिए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनादेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विजन पर जनता के भरोसे का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने स्थिर सरकार और विकास को चुना है। सीएम फडणवीस ने दावा किया कि महायुति राज्य की कुल 25 महानगरपालिकाओं में मेयर बनाने जा रही है, जो गठबंधन के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उनके इस बयान से साफ हो गया है कि बीजेपी इस जीत को केवल स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि आने वाली राजनीति के लिए एक मजबूत संदेश के रूप में देख रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और बदलती मुंबई की राजनीति
बीएमसी चुनाव के रुझानों पर बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुंबई के लोग लंबे समय से बदलाव चाहते थे, लेकिन डर और दबाव की राजनीति के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा था। सोमैया ने आरोप लगाया कि अब जनता ने खुलकर अपना फैसला सुना दिया है। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे गुट की ओर से अभी तक संयमित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, लेकिन अंदरखाने रणनीति पर मंथन शुरू हो चुका है। बीएमसी चुनाव सिर्फ नगर निगम का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है। अब सबकी नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, क्योंकि वही तय करेंगे कि मुंबई का अगला मेयर किस दल से होगा और देश की आर्थिक राजधानी की सियासत किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
