तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने Thalapathy Vijay को उनकी पार्टी TVK ने विधायक दल का नेता चुन लिया है। चुनाव नतीजों के ठीक बाद हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी और अब तक करीब 90 विधायकों ने इसका समर्थन भी कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। विजय का विधायक दल का नेता बनना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह अब सीधे तौर पर सत्ता की दौड़ में शामिल हो चुके हैं।
सबसे बड़ी पार्टी, लेकिन बहुमत से दूर
इस बार के विधानसभा चुनाव में टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 234 में से 107 सीटें जीतीं और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है। वहीं DMK को 59 सीटें मिलीं, जबकि AIADMK ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की। इस स्थिति में टीवीके के सामने सरकार बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि बिना सहयोग के सत्ता तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा है।
सरकार बनाने के लिए गठबंधन जरूरी
अब Thalapathy Vijay के सामने दो बड़े विकल्प हैं—या तो वह अन्य दलों के साथ गठबंधन कर बहुमत हासिल करें या फिर बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बनाने की कोशिश करें। राज्य में कई छोटी पार्टियां हैं, जिनके विधायक सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इनमें कांग्रेस, वाम दल, वीसीके, आईयूएमएल और पीएमके जैसी पार्टियां शामिल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु में एक बार फिर गठबंधन सरकार बनने की संभावना ज्यादा है, और इसमें विजय की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
स्टालिन का इस्तीफा, सत्ता परिवर्तन की आहट
चुनाव में हार के बाद M. K. Stalin ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है। इस चुनाव में टीवीके की लहर इतनी मजबूत रही कि स्टालिन अपनी पारंपरिक सीट भी नहीं बचा सके। यह परिणाम तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि विजय किस रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं और क्या वह गठबंधन के जरिए सरकार बनाने में सफल हो पाते हैं।
