बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने 26 फरवरी को विपक्षी दलों के विधायकों के साथ बैठक बुलाई, जिसमें राज्यसभा चुनाव को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा कि महागठबंधन अपना साझा उम्मीदवार तय करेगा और इस चुनाव में जीत हासिल करेगा। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विधायकों के खरीद-फरोख्त की कोई स्थिति नहीं आएगी और पूरा चुनाव पारदर्शिता से लड़ा जाएगा। बैठक में कुछ विपक्षी दलों के विधायकों के शामिल होने से महागठबंधन को एक नई ताकत मिली है, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी दिलचस्प हो गया है।
अधिकारियों की बैठक में AIMIM का भी अहम योगदान
इस बैठक में AIMIM विधायक के विधायक अख्तरुल ईमान भी शामिल हुए, जिन्होंने महागठबंधन से अपना समर्थन देने का ऐलान किया। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM बिहार में महागठबंधन का हिस्सा नहीं है, फिर भी उनकी मौजूदगी ने विपक्षी दलों में एकता की भावना को बल दिया। AIMIM ने विधानसभा चुनावों में पांच सीटें जीतने के बाद अपना प्रभाव बढ़ाया है, और अब राज्यसभा चुनाव में भी अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। तेजस्वी यादव ने बैठक में शामिल सभी विधायकों का स्वागत करते हुए यह भी कहा कि वह मीडिया को जल्द ही अपने उम्मीदवार का नाम घोषित करेंगे, जैसे ही उम्मीदवार तय किया जाएगा।
राज्यसभा सीटों के लिए होने वाली जंग
राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होने वाले हैं, और बिहार में पांच राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी मुकाबला होगा। मौजूदा सांसदों में प्रेमचंद गुप्ता (आरजेडी), एडी सिंह (आरजेडी), हरिवंश (जेडीयू), रामनाथ ठाकुर (जेडीयू) और उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम) का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन सीटों को भरने के लिए चुनावी संघर्ष बढ़ने वाला है। बिहार विधानसभा में 41 विधायकों के समर्थन से राज्यसभा की एक सीट के लिए वोट किया जा सकता है, और इसी हिसाब से एनडीए को चार सीटें आराम से मिल सकती हैं। हालांकि, महागठबंधन द्वारा एकजुट होने पर पांचवीं सीट के लिए कड़ी टक्कर दी जा सकती है, जिसके लिए एनडीए को अतिरिक्त वोट की आवश्यकता होगी।
विपक्ष की ताकत, एकजुट होने का फैसला
राज्यसभा चुनाव में विपक्ष की ओर से कई दलों ने अपने उम्मीदवार को उतारने की योजना बनाई है। आरजेडी, कांग्रेस, AIMIM, माले, IIP, CPM, और BSP के विधायक मिलकर साझा उम्मीदवार के लिए समर्थन दे सकते हैं। आरजेडी के पास 25 विधायक, कांग्रेस के 6 विधायक, AIMIM के 5 विधायक, माले के 2 विधायक, IIP के 1 विधायक, CPM के 1 विधायक और BSP के 1 विधायक शामिल हैं, जिससे विपक्ष के पास 41 विधायकों का संख्या बल है। अगर सभी विपक्षी दल एकजुट हो जाते हैं, तो महागठबंधन एक सीट जीतने में सफल हो सकता है।
इस चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) का कहना है कि महागठबंधन का साझा उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेगा और एकजुटता के साथ यह चुनाव लड़ा जाएगा। विपक्षी नेताओं ने भरोसा जताया है कि अगर एकजुटता बनी रहती है, तो राज्यसभा की एक सीट विपक्ष के खाते में आ सकती है। हालांकि, एनडीए को चार सीटें जीतने के लिए पर्याप्त वोट मिल सकते हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए उन्हें विपक्ष से और वोट की जरूरत होगी।
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