वाराणसी में मंगलवार को उस समय हलचल मच गई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने एक शराबी युवक अचानक मंच की ओर दौड़ता हुआ पहुंच गया। उस वक्त ‘काशी-तमिल संगमम’ के चौथे संस्करण का उद्घाटन कार्यक्रम चल रहा था और मंच पर सीएम योगी समेत तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मौजूद थे। युवक का इस तरह मंच तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सुरक्षा में तैनात कमांडो ने दिखाई चुस्ती
जैसे ही युवक मंच के पास पहुंचा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा में मौजूद कमांडो तुरंत हरकत में आए और बिना देर किए उसे पकड़कर वहां से दूर ले गए। युवक नशे में था और लगातार ऊंची आवाज में बात कर रहा था, जिससे कार्यक्रम में कुछ मिनट के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के चलते स्थिति कुछ ही क्षण में नियंत्रण में आ गई और कार्यक्रम सामान्य रूप से चलता रहा।
नमो घाट पर हो रहा था काशी-तमिल संगमम का चौथा संस्करण
‘काशी-तमिल संगमम’ का आयोजन इस बार वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर किया गया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक धरोहर को जोड़ना है। हजारों लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मंच के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, लेकिन शराबी युवक का अंदर तक आ जाना सुरक्षा व्यवस्था की एक बड़ी खामी को उजागर करता है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने सवाल उठाए कि इतनी योगी आदित्यनाथ की कड़ी सुरक्षा के बीच एक शराबी युवक कैसे मंच तक पहुंच गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसी गलती न हो, इसके लिए सुरक्षा घेरा और मजबूत किया जाएगा। सौभाग्य से घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसने सुरक्षा प्रणाली की कमजोरियों को जरूर सामने ला दिया।
Read More-सामूहिक विवाह में हुई CM मोहन यादव के बेटे की शादी, बाराती बन कर पहुंचे, बागेश्वर धाम और बाबा रामदेव
