भोपाल में आयोजित कांग्रेस की किसान महाचौपाल में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से किसान खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील के नाम पर किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने किसानों को बेच दिया,” और यह बयान सुनते ही सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी।
राहुल ने अपने भाषण में कहा कि किसानों की फसलों—जैसे सोया, कपास, मक्का और दाल—को लेकर ऐसी नीतियां बनाई जा रही हैं, जिनसे बड़ी विदेशी कंपनियों को फायदा होगा। उनका कहना था कि अगर बिना ठोस सुरक्षा प्रावधानों के डील साइन की जाती है, तो भारतीय किसान बाजार की प्रतिस्पर्धा में कमजोर पड़ सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर पहले चर्चा ठप थी, लेकिन संसद में उनके भाषण के बाद अचानक तेजी आई।
संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में संसद का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद परंपरा के मुताबिक विपक्ष के नेता को बोलने का मौका मिलता है, लेकिन इस बार उन्हें बीच में रोक दिया गया। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बात शुरू की, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया।”
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। राहुल का कहना था कि वे देश के किसानों और सीमाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सवाल उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
चीन सीमा और पूर्व आर्मी चीफ का जिक्र
राहुल गांधी ने अपने भाषण में चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए दावा किया कि जब सीमा पर तनाव की स्थिति थी, तब सेना को स्पष्ट निर्देश नहीं मिले। राहुल ने कहा कि उन्होंने संसद में इसी विषय को उठाने की कोशिश की थी।
उनका आरोप था कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा की ओर बढ़ रहे थे, तब निर्णय लेने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है और इस पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से पहले भी इन आरोपों को खारिज किया गया है और कहा गया है कि सीमा की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।
ट्रेड डील पर सीधा सवाल, राजनीतिक माहौल गरम
महाचौपाल में राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि बिना व्यापक चर्चा के समझौता किया गया, तो इसका असर सीधे किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। राहुल ने दावा किया कि उनके भाषण के बाद सरकार ने जल्दबाजी में कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि देश के हित से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता जरूरी है। किसानों के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए उन्होंने कांग्रेस की ओर से आश्वासन दिया कि पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।
भोपाल की इस रैली के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। जहां कांग्रेस इसे किसानों की आवाज बताकर प्रचारित कर रही है, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब ट्रेड डील और सीमा सुरक्षा जैसे विषय पहले से ही राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बने हुए हैं।
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