Homeराजनीति2029 का ‘पावर प्लान’ आउट! बृजभूषण शरण सिंह की संसद में वापसी...

2029 का ‘पावर प्लान’ आउट! बृजभूषण शरण सिंह की संसद में वापसी तय? बेटे ने किया बड़ा सियासी ऐलान

-

उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर अभी से चर्चाएं तेज हो गई हैं। गोंडा में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के समापन समारोह के दौरान कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण शरण सिंह ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में करण भूषण सिंह ने साफ कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में वह और उनके पिता, पूर्व WFI चीफ और बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह, दोनों एक साथ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि पिता-पुत्र दोनों भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़कर संसद पहुंचेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब लोकसभा चुनाव में अभी चार साल से ज्यादा का वक्त बाकी है, लेकिन बीजेपी के अंदरूनी सियासी संकेतों को लेकर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। करण भूषण सिंह के इस आत्मविश्वास भरे बयान को आगामी चुनावों के लिए परिवार की मजबूत राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।

बृजभूषण की वापसी के संकेत?

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने बड़ा फैसला लेते हुए कैसरगंज सीट से बृजभूषण शरण सिंह को टिकट नहीं दिया था। उनकी जगह पार्टी ने उनके छोटे बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था। यह फैसला ऐसे समय लिया गया था जब महिला पहलवानों द्वारा बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण पार्टी असहज स्थिति में थी। बीजेपी के लिए महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का मुद्दा अहम था, ऐसे में बृजभूषण को टिकट देना राजनीतिक रूप से जोखिम भरा माना गया। हालांकि, बाद में नाबालिग महिला पहलवान से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट सामने आई और कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद बृजभूषण शरण सिंह को कानूनी स्तर पर बड़ी राहत मिली। अब करण भूषण सिंह के बयान से यह संकेत मिल रहा है कि 2029 में बृजभूषण की सक्रिय चुनावी राजनीति में वापसी हो सकती है।

दोषी कोई भी हो, कार्रवाई तय

कार्यक्रम के दौरान बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने हाल में सामने आए कोल्ड सिरप मामले पर भी खुलकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में चल रही है। करण भूषण सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो बुलडोजर भी चलेगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर जांच में कोई बीजेपी नेता भी दोषी पाया जाता है, तो उसे भी बख्शा नहीं जाएगा। सांसद का यह बयान सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की ओर इशारा करता है। उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष सरकार पर सवाल खड़े करता रहा है।

पिता-पुत्र की जोड़ी फिर चर्चा में

करण भूषण सिंह का यह बयान न सिर्फ कैसरगंज बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। पिता-पुत्र की जोड़ी का एक साथ संसद पहुंचने का दावा राजनीतिक दृष्टि से बड़ा संदेश देता है। समर्थकों के बीच इस बयान से उत्साह देखा जा रहा है, वहीं विपक्ष इसे सियासी रणनीति का हिस्सा मान रहा है। 2024 में टिकट कटने के बावजूद बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक प्रभाव क्षेत्र में बना रहा और करण भूषण सिंह की जीत ने परिवार की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया। अब 2029 को लेकर किया गया यह खुला ऐलान यह दिखाता है कि बीजेपी के अंदर भविष्य की रणनीतियों पर काम शुरू हो चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस दावे को किस तरह से आगे बढ़ाता है और यूपी की राजनीति में यह बयान कौन-सा नया मोड़ लाता है।

 

Read More-लखनऊ में मोदी का बड़ा एलान और विपक्ष पर तीखा प्रहार: राष्ट्र प्रेरणा स्थल से निकला सियासी संदेश

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts