Wednesday, February 4, 2026
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अनंत सिंह की शपथ पर सदन में हलचल, नीतीश को देखकर झुक गए और छू लिए पैर, फिर…

अनंत सिंह ने जेल से विधानसभा शपथ ली, नीतीश कुमार को देखकर झुककर पैर छूए और तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। जानें उनके शपथ समारोह और मीडिया से बातचीत की पूरी कहानी।

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अनंत सिंह मंगलवार को बिहार विधानसभा में विधायक पद की शपथ लेने पहुंचे। यह शपथ ग्रहण उनके लिए खास इसलिए थी क्योंकि वे दुलारचंद यादव हत्या मामले में करीब 3 महीने से बेउर जेल में बंद थे। चुनाव के दौरान ही यह केस सुर्खियों में आया था और जेल में बंद होने की वजह से अनंत सिंह शपथ ग्रहण के पहले सत्र में हिस्सा नहीं ले सके थे। मंगलवार को विशेष एंबुलेंस द्वारा उन्हें जेल से विधानसभा तक लाया गया। जब वे सदन में पहुंचे तो सभी विधायक उनकी ओर देख रहे थे। उनके आने का अंदाज भी कुछ अलग था – माथे पर लंबा टीका और शपथ ग्रहण के दौरान आत्मविश्वास भरी चाल।

नीतीश कुमार को देख लिया आशीर्वाद

जैसे ही अनंत सिंह विधानसभा में पहुँचे, उन्होंने सदन के स्पीकर प्रेम कुमार से हाथ मिलाया। इसके बाद उनका ध्यान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर गया। अनंत सिंह ने नीतीश को देखकर सम्मान स्वरूप झुककर उनके पैर छुए और हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया। इस अनोखे अंदाज ने सदन में मौजूद सभी सदस्यों का ध्यान खींच लिया। शपथ लेने के दौरान उन्होंने बिना पढ़े ही शपथ ली और सीधे सदन में बोलते रहे। उनका यह अंदाज सदन में चर्चा का विषय बन गया।

विपक्ष पर जमकर हमला, तेजस्वी के लिए किया बड़ा बयान

शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि वे इस कांड में निर्दोष हैं और न्याय प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा, “हम निर्दोष हैं और हमें न्याय मिलेगा।” जब उनसे विपक्षी नेता तेजस्वी यादव द्वारा बिहार में अपराध बढ़ने की बात करने पर सवाल किया गया, तो अनंत सिंह ने कहा, “विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ बचा भी है क्या? बोलने वाला बोलते रहे, कुछ होने वाला नहीं है। इस बार उनको दूसरी पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना पड़ेगा।” उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।

जेल वापसी और भविष्य की रणनीति

शपथ ग्रहण के बाद अनंत सिंह को वापस बेउर जेल ले जाया गया। उनके इस कदम ने यह साफ कर दिया कि राजनीतिक और कानूनी परिस्थितियों के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चुनाव जीतने के बावजूद जेल में रहकर शपथ लेना उनके समर्थकों के लिए हौंसले की बात है। राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे हैं कि अनंत सिंह का यह कदम जेडीयू के भीतर उनकी स्थिति मजबूत करेगा और विपक्ष पर दबाव बढ़ाएगा। उनके अंदाज और बयान ने स्पष्ट कर दिया कि वे भविष्य में भी सक्रिय और विवादास्पद राजनीति करते रहेंगे।

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