Holi 2026: रंगों का महापर्व होली केवल खुशियों और उत्सव का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह घर और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का भी शुभ अवसर माना जाता है। साल 2026 में Holi 4 मार्च को मनाई जाएगी, जबकि 3 मार्च को होलिका दहन होगा। फाल्गुन पूर्णिमा के इस पर्व से पहले होलाष्टक शुरू हो चुका होगा, जिसे शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः वर्जित माना जाता है, लेकिन घर की सफाई और नकारात्मक वस्तुओं को हटाने के लिए यह समय बेहद उपयुक्त बताया गया है। वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार, यदि होली से पहले घर में पड़ी कुछ विशेष वस्तुओं को बाहर कर दिया जाए, तो धन संकट और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं वे 7 चीजें कौन-सी हैं, जो अनजाने में आपके घर में कंगाली का कारण बन सकती हैं।
खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान: तनाव और रुकावट का कारण
अक्सर घरों में खराब हो चुके टीवी, रेडियो, घड़ी, मोबाइल, मिक्सर या हीटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान किसी कोने में पड़े रहते हैं। वास्तु के अनुसार, बंद या खराब पड़ी मशीनें रुकी हुई ऊर्जा का प्रतीक होती हैं। इससे घर में ठहराव और नकारात्मकता बढ़ती है। यदि कोई उपकरण लंबे समय से खराब पड़ा है, तो होली से पहले या तो उसे ठीक करवा लें या घर से बाहर कर दें। इससे घर में नई ऊर्जा का प्रवाह शुरू होता है और आर्थिक रुकावटें कम होती हैं।
खंडित मूर्तियां और धार्मिक चित्र: अशुभता का संकेत
घर के मंदिर में टूटी-फूटी या खंडित मूर्तियां रखना अत्यंत अशुभ माना गया है। इससे घर की शांति और समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि किसी देवी-देवता की मूर्ति खंडित हो गई हो, तो उसे कूड़े में न फेंकें। पूरे सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी या तालाब में प्रवाहित करें या पीपल जैसे पवित्र वृक्ष के नीचे रख दें। होली से पहले यह कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।
टूटे बर्तन और कांच: आर्थिक नुकसान का कारण
घर में टूटे हुए बर्तन, चटक गए ग्लास, या दरार वाले आईने रखना भी वास्तु दोष को बढ़ाता है। विशेषकर टूटा हुआ आईना रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक असर डाल सकता है। होली से पहले रसोई और कमरों की जांच करें और ऐसे सभी सामान हटा दें। साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है।
बंद घड़ियां और पुराना कैलेंडर: ठहराव का प्रतीक
यदि घर की दीवार पर बंद घड़ी लगी है या पिछले साल का कैलेंडर अभी तक टंगा है, तो यह भी प्रगति में बाधा माना जाता है। बंद घड़ी समय के रुकने का संकेत देती है, जो जीवन में रुकावट का प्रतीक है। होली से पहले इन्हें हटाकर नई घड़ी और नया कैलेंडर लगाएं। यह बदलाव मानसिक रूप से भी नई शुरुआत का संकेत देता है।
फटे-पुराने कपड़े और जूते: दरिद्रता को आमंत्रण
अलमारी में पड़े फटे, अनुपयोगी या लंबे समय से न पहने गए कपड़े और जूते भी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं। इन्हें घर में जमा करके रखने से आर्थिक स्थिति पर असर पड़ता है। होली से पहले ऐसे कपड़े दान कर दें या जरूरतमंदों को दे दें। दान करना पुण्य का कार्य भी माना गया है और इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
सूखे या मुरझाए पौधे: दुर्भाग्य का संकेत
घर की बालकनी या आंगन में सूखे हुए पौधे या कांटेदार झाड़ियां वास्तु के अनुसार शुभ नहीं मानी जातीं। ये आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं। होली से पहले सूखे पौधों को हटा दें और उनकी जगह हरे-भरे पौधे लगाएं। हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है।
बेकार कागज और कबाड़: ऊर्जा का अवरोध
पुराने अखबार, बेकार बिल, टूटी कुर्सियां या कबाड़ लंबे समय तक घर में रखना ऊर्जा को रोक देता है। इससे घर में अव्यवस्था बढ़ती है और मानसिक बोझ महसूस होता है। होली से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करें और अनावश्यक कबाड़ बाहर करें। इससे घर हल्का और सकारात्मक महसूस होगा।
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