बिहार के खगड़िया जिले में एक आरोपी युवक की मौत के बाद ऐसा विवाद खड़ा हो गया जिसने पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना दिया। मोरकाही थाना क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में थाना परिसर पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात उस समय और अधिक गंभीर हो गए जब भीड़ ने थाने के भीतर घुसने की कोशिश की। बढ़ते तनाव और सुरक्षा की चिंता के बीच SHO अंतिमा कुमारी को आत्मरक्षा में अपनी सर्विस पिस्टल निकालनी पड़ी। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक युवक की पहचान सौरव कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार रात पुलिस एक मामले में उसे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर पहुंची थी। पुलिस को देखकर सौरव घबरा गया और वहां से भागने लगा। आरोप है कि पुलिसकर्मी लगातार उसका पीछा करते रहे, जिसके चलते वह पास की मालती नदी तक पहुंच गया और बचने के प्रयास में नदी में कूद गया। परिवार का कहना है कि युवक पानी में संघर्ष करता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने का कोई प्रयास नहीं किया। परिजनों का दावा है कि समय रहते मदद मिल जाती तो सौरव की जान बच सकती थी। इसी आरोप को लेकर परिवार और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई।
उग्र भीड़ ने थाने का किया घेराव, बढ़ा तनाव
युवक की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मोरकाही थाना पहुंच गए। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। कुछ प्रदर्शनकारी थाने के अंदर जाने का प्रयास करने लगे, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। हालात बिगड़ते देख थाना प्रभारी ने सुरक्षा कारणों से अपनी पिस्तौल निकाल ली। घटना के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने संयम बरतते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
अधिकारियों ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ धनंजय कुमार और सदर एसडीपीओ मुकुल रंजन भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया तथा उनकी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना। प्रशासन की ओर से परिवार को लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया है ताकि पूरे मामले की आधिकारिक जांच शुरू की जा सके। एसडीपीओ मुकुल रंजन ने आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि पुलिस टीम की किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती सामने आती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है और प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
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