भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ आ गया है। बेटे की मौत के बाद से न्याय की मांग कर रही उनकी मां आशा देवी ने साफ कहा है कि यदि 9 जुलाई तक प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी। उनका कहना है कि परिवार पिछले कई दिनों से लगातार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने यह सख्त फैसला लिया है। आशा देवी का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि अपने बेटे के लिए निष्पक्ष न्याय की मांग करना है।
परिवार का आरोप- सिर्फ भरोसा मिला, कार्रवाई नहीं
आशा देवी का कहना है कि भरत भूषण तिवारी की मौत को करीब 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्राथमिकी में नामजद किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने कई बार पुलिस अधिकारियों, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। हर बार जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक जमीन पर कोई बड़ा कदम दिखाई नहीं दिया। परिवार का कहना है कि लगातार हो रही देरी से उनका न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर पड़ता जा रहा है। उनका मानना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का विश्वास कानून पर भी असर पड़ेगा।
अधिकारी की नई पोस्टिंग पर भी उठाए सवाल
आशा देवी ने तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा की नई पोस्टिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्राथमिकी में नाम होने के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, बल्कि बाद में उन्हें मुख्यालय स्थित मद्य निषेध विभाग में डीएसपी के पद पर तैनात कर दिया गया। इसे लेकर परिवार ने नाराजगी जताई है। आशा देवी ने कहा कि अगर कानून सभी के लिए बराबर है तो आरोप लगने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। बातचीत के दौरान वह कई बार भावुक हो गईं और कहा कि एक मां अपने बेटे को खोने का दर्द कभी नहीं भूल सकती। हर दिन उन्हें अपने बेटे की याद आती है और वह सिर्फ न्याय की उम्मीद में जी रही हैं।
चिराग पासवान से उम्मीद, 9 जुलाई पर सबकी नजर
आशा देवी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री और सांसद चिराग पासवान ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वह इस मामले को सरकार के सामने उठाएंगे और निष्पक्ष कार्रवाई कराने की कोशिश करेंगे। परिवार को उम्मीद है कि उनकी पहल से जांच में तेजी आएगी। बता दें कि 17 जून 2026 को भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत हुई थी। परिजनों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से परिवार लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। अब 9 जुलाई की तारीख इस पूरे मामले में बेहद अहम मानी जा रही है। यदि तब तक कार्रवाई नहीं होती है, तो आशा देवी आमरण अनशन शुरू करेंगी। ऐसे में सभी की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है
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