देश की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान Jawaharlal Nehru University (JNU) में गुरुवार, 26 फरवरी को उस वक्त हालात बेकाबू हो गए जब छात्रों के एक प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हो गई। शुरुआत में यह प्रदर्शन एक सामान्य विरोध के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन कुछ ही देर में हालात बिगड़ते चले गए। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिन्होंने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया। इन वीडियो में कथित तौर पर JNUSU से जुड़े कुछ छात्र न केवल पुलिसकर्मियों से उलझते नजर आए, बल्कि उन्हें उकसाते और हमला करते हुए भी दिखे। इन घटनाओं के बाद पूरे कैंपस में तनाव का माहौल बन गया और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल बढ़ा दिया गया।
सामने आए चौंकाने वाले वीडियो, थप्पड़ से लेकर उकसावे तक
घटना के बाद जो वीडियो सामने आए हैं, उन्होंने सभी को हैरान कर दिया है। एक वीडियो में पीएचडी का छात्र नीतीश JNU की दीवार पर चढ़कर छात्रों को पुलिस के खिलाफ उकसाते हुए दिखाई दे रहा है। वह कथित तौर पर छात्रों से “पुलिस को सबक सिखाने” की बात कहता नजर आता है। वहीं दूसरे वीडियो में श्रेय नाम का एक छात्र खुलेआम एक पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारते हुए दिख रहा है। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और पुलिस के दावे को मजबूती देता नजर आया। तीसरे वीडियो में कुछ छात्र JNU कैंपस के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते हुए और RAF के जवान की ओर डंडा फेंकते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये वीडियो जांच के अहम सबूत हैं और इनके आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों के मन में भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कैंपस के भीतर हालात इतने बिगड़े कैसे।
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में गुरुवार को छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प के दौरान का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है. इसमें एक छात्र पुलिसकर्मी के थप्पड़ मारता हुआ दिख रहा है. इस वीडियो ने सभी को हैरान कर दिया है. pic.twitter.com/fa7Lei9PqQ
— Fiyazul Rais (@fiyazul_rais) February 27, 2026
पुलिस की कार्रवाई, FIR और गिरफ्तारियां
घटना के बाद Delhi Police ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने वसंतकुंज नॉर्थ थाने में FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने लाठियां, डंडे और जूते फेंके, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हुए। अब तक इस मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें नीतिश कुमार, अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, दानिश अली समेत अन्य नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरे JNU परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। कैंपस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोका जा सके।
छात्रों का आरोप बनाम पुलिस का दावा, सच कहां है?
दूसरी ओर छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। छात्रों का कहना है कि कई लोगों को बिना कारण हिरासत में लिया गया और लाठीचार्ज किया गया। छात्र संगठनों का दावा है कि वे अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से रखना चाहते थे, लेकिन पुलिस की कार्रवाई ने हालात बिगाड़ दिए। वहीं पुलिस लगातार यह दोहरा रही है कि उन पर पहले हमला किया गया, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। अब यह मामला जांच के दायरे में है और वायरल वीडियो, चश्मदीदों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर सच सामने आने की उम्मीद है। JNU एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बन चुका है और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इस टकराव की असली वजह क्या थी—छात्रों का गुस्सा या हालात को संभालने में हुई चूक?
