MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची के साथ हुए दरिंदगी के मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। इस मामले में आरोपी सलमान 6 दिनों तक पुलिस को चकमा देता रहा, लेकिन आखिरकार स्थानीय युवकों की मदद और पुलिस की लगातार कोशिशों के बाद उसे भोपाल से गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद साफ कहा कि ऐसे अपराधियों के साथ किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस ने आरोपी को भागते समय ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ के जरिए काबू किया है।
घटना के बाद प्रदेशभर में आक्रोश था और लोग लगातार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। अब आरोपी सलमान अस्पताल में है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, वहीं बच्ची का इलाज बड़े सरकारी अस्पताल में जारी है।
300 पुलिसकर्मी, 11 टीमें और 144 घंटे की भागदौड़
इस मामले को सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी तलाश अभियानों में से एक चलाया। आरोपी सलमान को पकड़ने के लिए 11 विशेष टीमें बनाई गईं और 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को अलग-अलग इलाकों में लगाया गया।
पुलिस को कई बार उसके भोपाल, विदिशा और रायसेन के जंगलों में देखे जाने की खबरें मिलीं, लेकिन हर बार वह कुछ ही मिनटों के अंतर से बच निकलता था। पुलिस का कहना है कि वह लगातार लोकेशन बदल रहा था और रात में ही आवाजाही कर रहा था।
6 दिन यानी पूरे 144 घंटे की लगातार मेहनत, चौकसी, नाकाबंदी और सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंच सकी। इस दौरान ड्रोन कैमरे, डॉग स्क्वॉड और स्पेशल ट्रैकर्स की भी मदद ली गई।
युवकों ने बताया कैसे पकड़ा आरोपी
आरोपी को पकड़वाने में तीन स्थानीय युवकों—अब्दुल, रिजवान और आसिफ—की भूमिका बेहद अहम रही। ये तीनों भोपाल की नई बस्ती के रहने वाले हैं। दो दिन से सलमान गांधी नगर इलाके में छुपने के लिए घर ढूंढ रहा था। वह एक चाय की दुकान पर पहुंचा, जहां वह पहले काम भी कर चुका था। तभी इलाके के इन तीन युवकों ने उसे देखा। उनमें से एक ने उसकी ऑनलाइन तस्वीर देखी हुई थी, जो पुलिस ने सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर की थी। चेहरा मिलते ही उन्हें शक हुआ। उन्होंने सबसे पहले एक स्थानीय पुलिसकर्मी को उसकी फोटो भेजकर पुष्टि की, और जैसे ही जवाब मिला—“हाँ यही आरोपी है”—तो उन्होंने चाय की दुकान पर ही उसके आसपास घेरा बना दिया।
इसी सूचना के आधार पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और सलमान को वहीं दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिस पर उसे रोकने के लिए गोली चलाई गई जो उसके पैर में लगी।
CM ने की युवकों की तारीफ
गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि राज्य में किसी भी बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने युवकों की तत्परता और हिम्मत की खुलकर तारीफ की और कहा कि पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अपराधी को 6 दिनों में पकड़ लिया।
जहां आरोपी सलमान का इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा है, वहीं बच्ची की हालत भी स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची पर लगातार मेडिकल टीम नजर बनाए हुए है और उसकी सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
इस पूरी घटना में समाज की भूमिका और आम नागरिकों की जागरूकता ने साबित किया कि अपराधी भले कितना भी चालाक हो, इंसाफ की राह हमेशा बन सकती है।
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