Homeदेशखिड़की से कूद रहे थे लोग, नीचे खड़ा था एक फरिश्ता... 2...

खिड़की से कूद रहे थे लोग, नीचे खड़ा था एक फरिश्ता… 2 लाख के गद्दों ने बचा लीं कई जिंदगियां

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गद्दे व्यापारी रियाजुद्दीन ने अपनी दुकान के लाखों रुपये के गद्दे सड़क पर बिछाकर कई लोगों की जान बचाने में मदद की। जानिए इंसानियत की इस प्रेरणादायक कहानी को।

-

मालवीय नगर अग्निकांड: दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया। होटल में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और अंदर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए हर संभव कोशिश करने लगे। चारों ओर धुआं, चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। इस दर्दनाक हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए। लेकिन इस भयावह घटना के बीच कुछ ऐसे लोग भी सामने आए जिन्होंने अपनी सूझबूझ और इंसानियत से कई जिंदगियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। इन्हीं में एक नाम रियाजुद्दीन का भी है, जिनकी बहादुरी और मानवता की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

खिड़कियों से कूद रहे थे लोग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि होटल में फंसे कई लोगों के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा। जान बचाने के लिए कुछ लोग ऊंची मंजिलों की खिड़कियों से नीचे कूदने को मजबूर हो गए। इसी दौरान पास में गद्दों की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन ने हालात को देखा और तुरंत फैसला लिया। उन्होंने बिना किसी नुकसान की चिंता किए अपनी दुकान से महंगे गद्दे बाहर निकालने शुरू कर दिए। कुछ ही मिनटों में सड़क पर कई गद्दे बिछा दिए गए ताकि ऊपर से कूदने वाले लोगों को गंभीर चोट न लगे। यह फैसला उस समय लिया गया जब हर सेकंड कीमती था और लोगों की जान खतरे में थी। आसपास मौजूद लोगों ने भी उनकी मदद की और सड़क को अस्थायी सुरक्षा क्षेत्र में बदल दिया।

नुकसान की नहीं, लोगों की जान की चिंता थी

रियाजुद्दीन का कहना है कि उस समय उनके मन में सिर्फ एक ही बात थी कि किसी तरह ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाई जाए। उन्होंने बताया कि गद्दों की कीमत लाखों रुपये थी, लेकिन उस समय पैसों का कोई महत्व नहीं था। उनका ध्यान केवल उन लोगों पर था जो होटल के अंदर फंसे हुए थे और बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई लोग जब खिड़कियों से नीचे कूदे तो गद्दों की वजह से उन्हें गंभीर चोटों से बचाया जा सका। रियाजुद्दीन का मानना है कि यदि वह उस समय यह कदम नहीं उठाते तो कई लोगों को अधिक नुकसान हो सकता था। घटना के बाद भी उन्होंने राहत और बचाव कार्य में सहयोग जारी रखा और घायलों की मदद करने में जुटे रहे।

सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ

हादसे के बाद रियाजुद्दीन की कहानी तेजी से लोगों तक पहुंची और सोशल मीडिया पर उनकी सराहना होने लगी। कई लोगों ने उन्हें ‘रियल हीरो’ और ‘इंसानियत का सच्चा चेहरा’ बताया। लोगों का कहना है कि संकट के समय में जो व्यक्ति दूसरों की जान को अपनी संपत्ति से ऊपर रखता है, वही समाज के लिए प्रेरणा बनता है। मालवीय नगर अग्निकांड ने जहां कई परिवारों को गहरा दुख दिया, वहीं रियाजुद्दीन जैसे लोगों ने यह भी दिखाया कि मुश्किल समय में मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। उनकी इस पहल ने यह साबित कर दिया कि किसी की मदद करने के लिए बड़े पद या विशेष पहचान की जरूरत नहीं होती, बल्कि एक बड़ा दिल और सही समय पर लिया गया फैसला कई जिंदगियां बचा सकता है।

Read More-यूपी में आधी रात अचानक सड़क पर आए शंकराचार्य, बिना बिजली-पंखे टेंट में कटी रात; जानें प्रशासन के एक फैसले ने कैसे खड़ा किया बड़ा विवाद!

 

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts