दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘मैडम जहर’ के नाम से चर्चित खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से गैंग के संपर्क में थी और अलग-अलग नामों से सक्रिय रहकर कथित तौर पर नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट देती थी। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से आपत्तिजनक सामग्री और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियां मान रही हैं कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि एक बड़े नेटवर्क की कड़ी हो सकती है। ‘मैडम जहर’ नाम से उसकी पहचान इसलिए बनी क्योंकि गैंग के भीतर वह कथित तौर पर सख्त और गोपनीय काम संभालती थी। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रेल की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह समझा जा सके कि किन-किन राज्यों में उसका संपर्क फैला हुआ था।
बॉबी कबूतर से कनेक्शन
जांच में सामने आया है कि खुशनुमा अंसारी का रिश्ता गैंग के सदस्य महफूज उर्फ बॉबी कबूतर से बताया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक बॉबी कबूतर पहले भी कई आपराधिक मामलों में पकड़ा जा चुका है और उस पर गैंग के लिए हथियारों की व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों में सहयोग का आरोप रहा है। इसी कड़ी में ‘मैडम जहर’ की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं—क्या वह केवल निजी संबंध तक सीमित थी या फिर नेटवर्क के संचालन में सक्रिय भागीदारी कर रही थी? अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आगे की छापेमारी की जा सकती है। गैंग के पुराने मामलों, कथित फायरिंग और उगाही की घटनाओं में भी उसके संभावित लिंक की जांच की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी विशेष मामले में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका की पुष्टि नहीं की है, लेकिन डिजिटल सबूतों और वित्तीय लेन-देन की जांच से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
ब्यूटी पार्लर से नेटवर्क तक: कैसे काम करता था कथित सिस्टम
जांच एजेंसियों का दावा है कि खुशनुमा अंसारी नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी, जिसकी आड़ में कथित तौर पर गैंग से जुड़े लोगों की मुलाकातें और संचार होता था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या यह स्थान केवल व्यवसाय था या फिर नेटवर्क के लिए ‘सेफ स्पॉट’ की तरह इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे मामलों में अक्सर सामान्य दिखने वाले व्यवसायों को कवर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है। स्पेशल सेल तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किन-किन लोगों की आवाजाही वहां दर्ज हुई। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि क्या ड्रग्स या हथियारों की सप्लाई चेन में उसका कोई रोल था। फिलहाल पुलिस ने किसी अंतिम निष्कर्ष की घोषणा नहीं की है और कहा है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।
आगे की कार्रवाई और कानून का संदेश
‘मैडम जहर’ की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का कहना है कि गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। कई राज्यों की पुलिस से समन्वय कर संयुक्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, ताकि नेटवर्क की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि संगठित अपराध के खिलाफ यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है—चाहे कोई भी भूमिका निभाए, कानून से ऊपर कोई नहीं। अदालत में पेशी के बाद आगे की रिमांड और पूछताछ के आधार पर और खुलासे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गिरफ्तारियां केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि पूरे तंत्र को तोड़ने का काम करती हैं। फिलहाल जांच जारी है और जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, पुलिस आधिकारिक ब्रीफिंग के जरिए जानकारी देगी।
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