मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आंतरी क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रशासन को भी हैरानी में डाल दिया है। यहां एक ही परिवार के पांच भाइयों के घरों में पिछले कई दिनों से बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। परिवार का कहना है कि अलमारी में रखे कपड़े, बिस्तर और रसोई का सामान अचानक धुआं छोड़ने लगता है और देखते ही देखते आग की चपेट में आ जाता है। इन घटनाओं से डरा हुआ परिवार अब अपने घरों के भीतर रहने की बजाय बाहर खुले स्थान पर समय बिताने को मजबूर है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने पूरे गांव में डर और चिंता का माहौल बना दिया है।
पड़ोस में रखा सामान भी नहीं बचा, परिवार ने बताई पूरी आपबीती
पीड़ित परिवार के सदस्य कल्याण सिंह के अनुसार, सबसे पहले उनके घर में रखे कपड़ों और बिस्तरों में अचानक आग लगी। इसके कुछ समय बाद दूसरे भाई के घर में भी इसी तरह की घटना हुई और फिर धीरे-धीरे पांचों भाइयों के घरों में अलग-अलग समय पर सामान जलने लगा। परिवार का कहना है कि आग लगने के समय न तो बिजली का कोई शॉर्ट सर्किट होता है और न ही रसोई में खाना बनाया जा रहा होता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब उन्होंने अपना जरूरी सामान सुरक्षित रखने के लिए पड़ोसियों के घरों में रखा, तब भी उसी सामान में आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इससे गांव के लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाने लगे।
झाड़-फूंक और टोटकों से नहीं मिला जवाब, प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
लगातार हो रही घटनाओं के बाद गांव में अंधविश्वास भी तेजी से फैलने लगा। कई लोगों ने इसे किसी ऊपरी शक्ति या जादू-टोने से जोड़कर देखा। परिवार ने स्थानीय तांत्रिकों और ओझाओं की मदद भी ली। पूजा-पाठ, झाड़-फूंक और कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान कराए गए, लेकिन आग लगने की घटनाएं बंद नहीं हुईं। इसके बाद मामले की जानकारी प्रशासन और पुलिस तक पहुंची। अधिकारियों ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए। एहतियात के तौर पर गांव में पानी से भरा टैंकर तैनात किया गया है और फायर ब्रिगेड की टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि किसी भी नई घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। ग्रामीणों ने भी अपने घरों में अतिरिक्त पानी का इंतजाम कर रखा है।
वैज्ञानिक जांच से खुलेगा राज, फॉरेंसिक टीम जुटाएगी सबूत
प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले को वैज्ञानिक नजरिए से देखा जा रहा है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी संभावित कारणों की जांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के पीछे कोई तकनीकी खराबी, रासायनिक प्रतिक्रिया, ज्वलनशील गैस या कोई अन्य वैज्ञानिक कारण हो सकता है। इसी वजह से बिजली विभाग के विशेषज्ञों और फॉरेंसिक टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम घटनास्थल से जले हुए कपड़ों, मिट्टी और अन्य जरूरी नमूनों को एकत्र करेगी और उनकी प्रयोगशाला में जांच करेगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वैज्ञानिक जांच इस रहस्यमयी आग के पीछे की असली वजह का खुलासा कब और कैसे करती है।
