Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने इस मामले में जम्मू स्थित विशेष NIA अदालत में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करते हुए पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक और सरगना हाफिज मोहम्मद सईद को मुख्य आरोपियों में शामिल किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हाफिज सईद की भूमिका केवल संगठन का प्रमुख होने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उस पर इस हमले की साजिश से जुड़ी जिम्मेदारी भी तय की गई है। चार्जशीट में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके कथित प्रॉक्सी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) की गतिविधियों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है। NIA का मानना है कि यह हमला सीमा पार से रची गई एक सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा था।
चार्जशीट में कई गंभीर धाराओं का जिक्र
NIA की ओर से दाखिल की गई करीब 1597 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की कई गंभीर धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने चार्जशीट में कहा है कि आरोपी पर भारत के खिलाफ युद्ध जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने, सीमा पार से आतंकी साजिश रचने और देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल किए गए हैं। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को भी अदालत के सामने पेश किया गया है। NIA का कहना है कि जांच में मिले तथ्यों ने यह स्पष्ट किया है कि इस हमले के पीछे संगठित आतंकी नेटवर्क सक्रिय था, जिसकी योजना पाकिस्तान से तैयार की गई थी। अब अदालत में इस चार्जशीट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया चलेगी।
कौन है हाफिज मोहम्मद सईद?
हाफिज मोहम्मद सईद लंबे समय से भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल है। वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक माना जाता है और उसका नाम कई बड़े आतंकी मामलों में सामने आ चुका है। भारत पहले भी उस पर 26/11 मुंबई आतंकी हमले सहित कई आतंकी साजिशों में शामिल होने का आरोप लगा चुका है। इसके अलावा उसका संबंध जमात-उद-दावा जैसे संगठनों से भी बताया जाता रहा है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाता रहा है। पहलगाम आतंकी हमले की जांच में उसका नाम शामिल होने के बाद इस मामले को लेकर कानूनी और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
क्या था पहलगाम आतंकी हमला?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम क्षेत्र की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर हमला किया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 17 अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश देखने को मिला और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े स्तर पर जांच शुरू की। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसके तहत सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। अब NIA की नई सप्लीमेंट्री चार्जशीट इस मामले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। एजेंसी का दावा है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर हमले की साजिश रचने वालों की भूमिका को अदालत के सामने स्पष्ट किया गया है और आगे भी जांच जारी रहेगी।
Read More-राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला! चढ़ावा विवाद के बीच दो बड़े पदाधिकारियों के इस्तीफे स्वीकार
