LPG Cylinder Price Hike: केंद्रीय बजट से ठीक पहले आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का तगड़ा झटका लगा है। सरकार ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद देश के बड़े शहरों में नए रेट लागू हो गए हैं। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और छोटे-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्रभावित करेगी। पेट्रोलियम कंपनियों के ताजा अपडेट के मुताबिक, कमर्शियल सिलेंडर के दाम में करीब 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। बजट से पहले इस फैसले ने व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि पहले से ही खाद्य पदार्थों और कच्चे माल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर भी दिख सकता है।
Delhi से Chennai तक नए रेट लागू: कहां कितना बढ़ा सिलेंडर?
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में नए रेट सामने आ गए हैं। राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर अब 1740.50 रुपये का हो गया है, जो पहले 1691.50 रुपये था। यानी यहां 49 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। कोलकाता में इसकी कीमत बढ़कर 1844.50 रुपये पहुंच गई है, जहां पहले यह 1795 रुपये में मिल रहा था। मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर अब 1692 रुपये का हो गया है, जबकि पहले इसकी कीमत 1642.50 रुपये थी। चेन्नई में सबसे ज्यादा कीमत देखने को मिल रही है, जहां 19 किलो का सिलेंडर अब 1899.50 रुपये में मिलेगा। सरकार ने साफ किया है कि यह बढ़ोतरी सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर पर लागू की गई है और इसका दायरा पूरे देश में समान रूप से देखा जा रहा है।
घरेलू LPG सिलेंडर राहत में: आम जनता को फिलहाल कोई झटका नहीं
जहां एक तरफ कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू गैस के दामों में आखिरी बार 8 अप्रैल 2025 को संशोधन हुआ था, उसके बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। वर्तमान में दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। लखनऊ, अहमदाबाद, हैदराबाद, वाराणसी और पटना जैसे शहरों में भी घरेलू सिलेंडर के रेट अलग-अलग हैं, लेकिन इनमें किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है। इससे साफ है कि सरकार फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ डालने से बच रही है।
आगे क्या महंगे होंगे दाम?
पेट्रोलियम मार्केटिंग से जुड़ी सरकारी कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और घरेलू मांग के आधार पर दाम तय किए जाते हैं। इससे पहले जनवरी महीने में भी 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी, जबकि बीते साल नवंबर और दिसंबर में इनके दामों में क्रमशः 5 और 10 रुपये की कटौती की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं, तो आने वाले महीनों में कमर्शियल गैस के दामों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल बजट से पहले हुई इस बढ़ोतरी ने साफ संकेत दे दिया है कि महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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