देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिसने न सिर्फ पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि इसका असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखने लगा है। दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार की सुबह एक ऐसी त्रासदी आई, जिसने हंसते-खेलते परिवारों को पल भर में तबाह कर दिया। यहाँ हुए एक भीषण अग्निकांड में करीबन 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मरने वाले 21 लोगों में से 18 लोग भारतीय नहीं, बल्कि विदेशी नागरिक थे। जैसे ही यह खबर फैली, प्रशासनिक अमले से लेकर विदेशी दूतावासों तक में हड़कंप मच गया। शुरुआत में इस घटना को लेकर कई तरह की अफवाहें और कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब इस पूरे मामले पर भारत सरकार के विदेश मंत्रालय का बड़ा आधिकारिक बयान सामने आ चुका है, जिसने इस घटना की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
विदेशी नागरिकों की मौत से हिला विदेश मंत्रालय, डॉ. एस. जयशंकर ने जताया गहरा दुख
इस भीषण हादसे में मारे गए लोगों में नाइजीरिया, मोजाम्बिक, बांग्लादेश, सोमालिया, लाइबेरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों के नागरिक शामिल बताए जा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों की मौत के बाद भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने खुद सामने आकर स्थिति को संभाला और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा, “नई दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना में, जिसमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जान-माल के नुकसान पर मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। मैं इस हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।” इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि विदेश मंत्रालय इस समय पूरी तरह से एक्टिव है और प्रभावित देशों के दूतावासों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। पीड़ित परिवारों और संबंधित देशों को हर संभव आवश्यक और कूटनीतिक सहायता प्रदान की जा रही है ताकि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें राहत मिल सके।
हौज रानी इलाके में बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल बना श्मशान, सिलेंडर फटने से फैली आग
यह दर्दनाक हादसा बुधवार की सुबह मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित एक पांच मंजिला ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ इमारत में हुआ। शुरुआती जांच और चश्मदीदों से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, इस तबाही की मुख्य वजह एक सिलेंडर का फटना माना जा रहा है। सुबह के समय जब लोग अपनी दिनचर्या शुरू ही कर रहे थे, तभी अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी इमारत आग की लपटों और काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। इमारत में बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिलें थीं। ग्राउंड फ्लोर पर ‘लेमन ग्रीन’ नाम का एक रेस्टोरेंट चल रहा था, जबकि इसके ऊपर के बाकी हिस्सों का इस्तेमाल होटल (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर किया जा रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि होटल के कमरों में ठहरे विदेशी मेहमानों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे अंदर ही फंस गए, जिससे इतनी बड़ी संख्या में कैजुअलिटी हुई।
जान पर खेलकर दूसरों को बचाते हुए 10 पुलिसकर्मी जख्मी, रेस्क्यू ऑपरेशन की इनसाइड स्टोरी
इस हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। शुरुआत में भ्रम की स्थिति थी कि आग सिर्फ पास के लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी है, लेकिन बाद में पुलिस ने साफ किया कि आग पूरी होटल की इमारत में फैल चुकी थी। जब चारों तरफ चीख-पुकार मची थी, तब दिल्ली पुलिस के जांबाज जवानों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धधकती इमारत में प्रवेश किया। इस बेहद खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दूसरों की जिंदगी बचाते हुए 10 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से झुलस गए और घायल हो गए। घायल होने वाले इन जांबाज पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल करतार (32), हरज्ञान (40), प्रेम चंद (40), जितेंद्र (40) और दिनेश (35) के साथ-साथ कांस्टेबल विक्रम (34), दीपक (38), रामपाल (30), संदीप (30) और रविरंजन (26) शामिल हैं। इन सभी घायल जवानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस पांच मंजिला इमारत में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम थे या नहीं।
