बिहार के रोहतास जिले में हुए एक बेहद दर्दनाक हत्याकांड में आखिरकार सात साल बाद अदालत का फैसला आ गया है। मन्नु कुमार की हत्या के मामले में प्रेमिका समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने प्रेमिका सुमन देवी, उसके पति दूधेश्वर चौधरी, भाई फूलचंद चौधरी और पिता प्रकाश चौधरी उर्फ प्रभाकर को दोषी माना। कोर्ट ने चारों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 21 जनवरी 2026 को सुनाया गया, जिसकी जानकारी अगले दिन मीडिया को दी गई।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
बिहार के रोहतास जिले में यह पूरा मामला मार्च 2019 का है। मन्नु कुमार और सुमन देवी के बीच प्रेम संबंध थे। बताया गया कि सुमन अपने पति के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अपने मायके भगवानपुर गांव आई थी। 4 मार्च की शाम सुमन ने फोन कर मन्नु को मिलने के लिए बुलाया। मन्नु बिना किसी को बताए घर से निकल गया। जब वह तय जगह पर पहुंचा, तो वहां पहले से मौजूद लोगों ने उस पर हमला कर दिया। उस पर चाकू से हमला किया गया और बेहद बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई।
खेत में मिला शव, परिवार में मचा कोहराम
बिहार के रोहतास जिले में 5 मार्च 2019 की सुबह गांव के एक व्यक्ति ने सरसों के खेत में एक शव देखा और इसकी सूचना दी। जब परिजन वहां पहुंचे, तो शव मन्नु कुमार का निकला। शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। इससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मन्नु के पिता ने अगरेर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि हत्या प्रेम संबंध के चलते की गई थी।
गवाहों और सबूतों के आधार पर आया फैसला
इस केस की सुनवाई कई सालों तक चली। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह पेश किए गए। गवाहों की गवाही और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने साफ माना कि हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध बहुत ही क्रूर और गंभीर है। इसी वजह से चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई। इस फैसले के बाद मन्नु कुमार के परिवार को कुछ हद तक न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
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