राजस्थान के अजमेर में डकैत जगन गुर्जर उर्फ ‘टाइगर’ की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को जगन गुर्जर का बेटा आसाराम गुर्जर जेएलएन अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए और परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही उन्होंने आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों और जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
पोस्टमार्टम रोककर धरने पर अड़े परिजन
परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे और धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान अस्पताल परिसर के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जगन गुर्जर को पहले फर्जी मामलों में फंसाकर हाई सिक्योरिटी जेल में रखा गया था, और वहीं उसकी हत्या कर दी गई। परिवार ने जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जेल के अंदर हुई हत्या ने बढ़ाया तनाव
बताया जा रहा है कि सोमवार को हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर बंद हार्डकोर कैदी विष्णु जाट ने गला घोंटकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। कथित तौर पर यह विवाद एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ था, जिसमें विष्णु जाट की बहन से जुड़ी बात कही गई थी। इसी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि असली कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।
बेटे की चेतावनी से बढ़ा मामला
इस घटना के बाद जगन गुर्जर के बेटे आसाराम का बयान और भी विवादों में आ गया है, जिसमें उसने कहा कि वह पिता की मौत का बदला लेने के लिए हर स्तर तक जाने को तैयार है। उसके इस बयान से माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और जेल सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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