देश के बड़े हिस्से इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में हैं। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी राज्यों तक सुबह होते ही सड़कों पर दृश्यता बेहद कम देखी गई। कई इलाकों में 20 से 30 मीटर से ज्यादा दूर कुछ दिखाई नहीं दे रहा, जिससे आम लोगों की दिनचर्या सीधे तौर पर प्रभावित हुई। खासतौर पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और आसपास के क्षेत्रों में ठंड के साथ कोहरा लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
सुबह काम पर निकलने वाले लोग, स्कूल जाने वाले बच्चे और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे शीतलहर जैसी स्थिति बन गई है। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अचानक नहीं, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ और नमी के मेल से बनी है। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी ज्यादा गंभीर रहे, जहां सड़कें संकरी होने के कारण वाहन चालकों को बेहद सतर्क होकर चलना पड़ा। ठंड और कोहरे की इस दोहरी मार ने आम जीवन की रफ्तार धीमी कर दी है।
ठंड से सड़क और रेल यातायात पर सीधा असर
घने कोहरे का सबसे बड़ा असर सड़क और रेल यातायात पर देखने को मिला है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहनों की गति काफी कम हो गई, वहीं कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बनी। सुबह के समय दृश्यता कम होने के कारण छोटे-बड़े हादसों की आशंका बढ़ गई है। ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की ओर से वाहन चालकों को फॉग लाइट, इंडिकेटर और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
रेल सेवाएं भी इस मौसम से अछूती नहीं रहीं। कई प्रमुख ट्रेनों के देरी से चलने की खबरें सामने आई हैं, जिससे यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा। कोहरे की वजह से ट्रेनों की गति सीमित कर दी जाती है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। कुछ स्थानों पर बस सेवाएं भी देर से शुरू हुईं या सीमित रहीं। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, इसलिए जरूरत पड़ने पर सेवाओं में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित अपडेट जरूर जांच लें।
ठंड से बढ़ी परेशानी, स्कूलों और दैनिक गतिविधियों पर प्रभाव
इस मौसम का असर सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण बुजुर्गों और बच्चों को खास तौर पर परेशानी हो रही है। कई शहरों और जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है, कहीं कक्षाएं देर से शुरू हुईं तो कहीं एहतियातन छुट्टी घोषित की गई।
सुबह और देर शाम घर से बाहर निकलना लोगों के लिए कठिन हो गया है। बाजारों में भी सुबह के समय भीड़ कम देखी गई, जबकि चाय-कॉफी और गर्म कपड़ों की मांग बढ़ गई है। अस्पतालों में सर्दी-खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, खासकर सुबह और रात के समय। कोहरे और ठंड का यह दौर मानसिक रूप से भी लोगों को असहज कर रहा है, क्योंकि रोजमर्रा के कामों में देरी आम बात हो गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी, आने वाले दिनों में भी राहत के आसार कम
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल ठंड और कोहरे से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है। कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक घना कोहरा और शीतलहर जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। विभाग के अनुसार रात के तापमान में और गिरावट संभव है, जिससे सुबह के समय कोहरा और घना हो सकता है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि बिना जरूरी कारण यात्रा से बचें और अगर निकलना जरूरी हो तो पूरी सावधानी बरतें। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मौसम सर्दियों के दौरान सामान्य है, लेकिन बदलते मौसम पैटर्न के कारण इसकी तीव्रता बढ़ सकती है। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। ठंड और कोहरे का यह दौर फिलहाल देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लिए हुए है और आम जनता को धैर्य के साथ इससे निपटने की जरूरत है।
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