कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र के उमरी दाहलो गांव से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां आदमखोर तेंदुए के आतंक के बीच वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया था। इस पिंजरे में बकरी रखी गई थी ताकि तेंदुआ उसमें फंस सके।
गुरुवार की रात इस पिंजरे में कोई और ही फंस गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि पिंजरे में एक व्यक्ति खुद को फंसा हुआ मिला। लोग यह जानकर हैरान रह गए कि आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में इंसान ही फंस गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना पिंजरे के रखरखाव और सुरक्षा के दौरान हुई है, और यह घटना पूरी तरह से अनजाने में हुई लगती है।
बकरी चुराने की कोशिश में पिंजरे में फंसा व्यक्ति
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उसी पिंजरे में हुई, जहां वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए बकरी रखी थी। स्थानीय लोग और अधिकारियों का अनुमान है कि यह व्यक्ति बकरी को चुराने के लिए पिंजरे में घुसा।
पिंजरे में घुसते ही दरवाजा अचानक बंद हो गया और व्यक्ति खुद को जाल में फंसा पाया। हालांकि शख्स ने अपनी सफाई में कहा कि वह केवल पिंजरे की स्थिति चेक करने आया था, लेकिन चक्कर आने की वजह से वह फंस गया।
इस घटना ने वन क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी की अहमियत को फिर से उजागर किया है। वन विभाग ने कहा है कि आगे से ऐसे पिंजरों की सुरक्षा और निगरानी और कड़ी की जाएगी।
गांवों में तेंदुए का डर और वन विभाग की कार्रवाई
कतर्नियाघाट वन्य जीव क्षेत्र के आसपास के गांवों में तेंदुए के आतंक का खौफ रहता है। हाल ही में एक महिला तेंदुए के हमले में मारी गई थी। इस घटना के बाद वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया।
वन विभाग ने पिंजरे में बकरी रखकर तेंदुए को फंसाने की कोशिश की थी। इस अभियान का उद्देश्य न केवल लोगों की सुरक्षा है, बल्कि तेंदुए को बिना नुकसान पहुंचाए जंगल में वापस छोड़ा जाना भी है।
गांववासियों ने वन विभाग की कोशिशों की सराहना की है, लेकिन साथ ही यह घटना यह भी दिखाती है कि लोगों को वन क्षेत्र की सुरक्षा और नियमों का पालन करना कितना जरूरी है।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने लोगों को हंसी और हैरानी दोनों में डाल दिया। कई लोग इसे मजेदार घटना बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग वन क्षेत्र में सुरक्षा और नियमों के प्रति चेतावनी दे रहे हैं।
वन विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि ऐसे पिंजरे के पास न जाएं और न ही जानवरों या उनकी सुरक्षा में हस्तक्षेप करें। इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जंगल और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।
आने वाले समय में वन विभाग इस घटना की विस्तृत जांच करेगा और पिंजरों की निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
