ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसाइटी में छह वर्षीय मासूम अव्यान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि सोसाइटी परिसर में बोरवेल निर्माण का काम चल रहा था और इसी दौरान खोदा गया गहरा गड्ढा बारिश के पानी से भर गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो सुरक्षा घेरा लगाया गया था और न ही किसी तरह का चेतावनी बोर्ड मौजूद था। शनिवार शाम खेलते समय अव्यान उसी पानी से भरे गड्ढे में गिर गया। जब तक उसे बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार के साथ-साथ पूरी सोसाइटी में गहरा दुख और आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
पिता का दर्द- ‘कार्रवाई से बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन दोषियों को सजा जरूर मिले’
मासूम अव्यान के पिता ने घटना के बाद गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनका बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर समय रहते गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई होती और खतरे का संकेत लगाया गया होता, तो यह हादसा नहीं होता। परिवार का आरोप है कि प्रशासन और निर्माण एजेंसी की लापरवाही की वजह से उनके बेटे की जान गई। वहीं, अव्यान की मां बेटे की मौत के बाद गहरे सदमे में हैं। परिवार का कहना है कि वे बेहतर और सुरक्षित जीवन की उम्मीद लेकर ग्रेटर नोएडा आए थे, लेकिन अब उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई है। इस घटना ने निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुकदमा दर्ज, ठेकेदार पर कार्रवाई, लेकिन लोगों में अब भी नाराजगी
घटना के बाद ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार फर्म, तकनीकी सुपरवाइजर और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और एक सुपरवाइजर को गिरफ्तार भी किया गया है। साथ ही संबंधित ठेकेदार कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि हर हादसे के बाद इसी तरह जांच और कार्रवाई की बात होती है, लेकिन समय बीतने के साथ मामला ठंडा पड़ जाता है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया जाता। लोगों की मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जिससे भविष्य में कोई और परिवार इस तरह का दर्द न झेले।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे, अब सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की उठी मांग
सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी खुले गड्ढों और असुरक्षित निर्माण स्थलों की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि कई जगह स्ट्रीट लाइटें ठीक से काम नहीं करतीं, पार्कों की हालत भी खराब है और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया जाता। इस घटना के बाद सोसाइटी में रहने वाले परिवारों के बीच डर का माहौल है। लोग चाहते हैं कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और नियमित निगरानी की व्यवस्था हो। उनका कहना है कि किसी भी विकास कार्य का उद्देश्य लोगों की सुविधा होना चाहिए, न कि उनकी जान को खतरे में डालना। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था की जाती है।
