पश्चिम एशिया में जारी संकट और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव के कारण नेपाल में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी देखने को मिली है। इस स्थिति को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह सरकार ने सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो दिन अवकाश करने का निर्णय लिया है। अब शनिवार और रविवार दोनों दिन सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इससे पहले केवल शनिवार को साप्ताहिक अवकाश होता था। सरकार का कहना है कि इस कदम से पेट्रोलियम की बचत और संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
सरकारी कार्यालयों का नया समय और नियम
काठमांडू में रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस मसले पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अब सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे, जबकि पहले यह समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक था। सरकारी प्रवक्ता सस्मिता पोखरेल ने कहा कि तेल संकट के कारण यह कदम जरूरी हो गया था। हालांकि, यह नियम शैक्षणिक संस्थानों और निजी कार्यालयों पर लागू नहीं होगा। सरकार का मकसद है कि इस कदम से कर्मचारियों और जनता पर ईंधन की कमी का असर कम किया जा सके।
नेपाल में ईंधन की कीमतों में वृद्धि
तेल संकट के कारण नेपाल में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने काठमांडू में विमानन ईंधन की कीमत में 84.7 प्रतिशत, पोखरा में 116.2 प्रतिशत और भैरहवा में 117 प्रतिशत तक की वृद्धि की घोषणा की। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और आपूर्ति को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस बढ़ोतरी का असर आम जनता, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ रहा है।
तेल संकट से निपटने के लिए देशों के कदम
पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान और अन्य देशों के बीच जारी तनाव का असर अब नेपाल जैसे एशियाई देशों पर दिख रहा है। इस युद्ध ने वैश्विक तेल कीमतों में तेजी ला दी है और कई देशों में ईंधन की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। नेपाल सरकार ने इसे गंभीर स्थिति मानते हुए सरकारी दफ्तरों में दो दिन की छुट्टी का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में आवश्यकतानुसार और कदम उठाए जाएंगे ताकि देश में ईंधन आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर असर न पड़े।
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