Hindu Temple Pakistan: भगवान शिव के भक्त उनकी पूजा-अर्चना में लीन हो जाते हैं। भारत के मंदिरों की तरह ही पाकिस्तान में भी एक प्राचीन शिव मंदिर स्थित है, जिसका इतिहास रहस्यों और आस्था से भरा हुआ है। यह मंदिर है — कटासराज मंदिर (Katas Raj Temple), जो पाकिस्तान के चकवाल जिले में स्थित है। कहा जाता है कि इस मंदिर परिसर में जो पवित्र सरोवर (तालाब) है, वह स्वयं भगवान शिव के आंसू की बूंद से बना था, जब उन्होंने अपनी पत्नी सती के वियोग में विलाप किया था।
शिव के आंसुओं से बना यह तालाब, जिसे कहते हैं ‘कटास सरोवर’
यह पवित्र तालाब, जिसे ‘कटास सरोवर’ कहा जाता है, हिन्दू धर्मग्रंथों में ‘शिव के आंसुओं से निर्मित दिव्य जल’ के रूप में वर्णित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब सती ने यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब महादेव का क्रोध और दुःख अपार हो गया। इसी शोक में उनकी आंखों से दो आंसू की बूंदें गिरीं – एक भारत में पुष्कर और दूसरी पाकिस्तान के कटास में। यही आंसू कटासराज में स्थित तालाब का कारण बना। आज भी इस सरोवर का जल शुद्ध और पवित्र माना जाता है, जिसमें स्नान करना मोक्षदायक माना जाता है।
आस्था का प्रतीक, कटासराज आज भी जोड़ता है दो देशों को
कटासराज मंदिर समूह न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि स्थापत्य कला का भी एक अद्भुत उदाहरण है। हालांकि यह मंदिर पाकिस्तान में है, लेकिन यहां हर साल भारत सहित कई देशों से श्रद्धालु आते हैं। खासतौर पर सावन के पवित्र महीने में इस मंदिर की पावनता और धार्मिक ऊर्जा का अनुभव लेने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। पाकिस्तान सरकार ने भी इस धरोहर को संरक्षित रखने के लिए कई प्रयास किए हैं। कटासराज आज भी भारत-पाक आस्था के अदृश्य पुल के रूप में खड़ा है, जो शिवभक्तों के हृदय को जोड़ता है।
