West Indies cricket team के लिए 2026 टी20 वर्ल्ड कप का सफर 1 मार्च को खत्म हो गया, जब टीम को भारत के खिलाफ 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए उसे जीत जरूरी थी, लेकिन हार के साथ ही टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। आमतौर पर किसी टीम के बाहर होने के बाद खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ जल्द अपने-अपने देश लौट जाते हैं, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। मिडल ईस्ट में जारी तनाव और हवाई सेवाओं पर असर के कारण वेस्टइंडीज टीम चार दिन बाद भी भारत में ही रुकी हुई है। खिलाड़ियों, कोच और स्टाफ को सुरक्षित यात्रा की अनुमति मिलने का इंतजार है। इस बीच टीम के सदस्यों में घर लौटने की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।
डैरेन सैमी का भावुक पोस्ट
वेस्टइंडीज टीम के हेड कोच Daren Sammy ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “मैं बस घर जाना चाहता हूं।” उनके इस छोटे लेकिन गहरे संदेश ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया। साफ है कि लंबे टूर्नामेंट और हार के बाद खिलाड़ी मानसिक और भावनात्मक रूप से थके हुए हैं और अब परिवार के पास लौटना चाहते हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने बयान जारी कर कहा है कि वह खिलाड़ियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए International Cricket Council और संबंधित सरकारी एजेंसियों के संपर्क में है। टीम की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और बिना अनुमति कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा।
मिडल ईस्ट तनाव का असर हवाई यात्रा पर
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर केवल राजनीति या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी प्रभावित हुई है। खाड़ी क्षेत्र के कई एयरपोर्ट, जिनमें दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है, पर उड़ानों का संचालन प्रभावित बताया जा रहा है। वेस्टइंडीज टीम को आमतौर पर गल्फ देशों के रास्ते अपने देश लौटना होता है, लेकिन मौजूदा हालात में उड़ानों की उपलब्धता और सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पीटीआई के हवाले से बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया कि टीम अभी भारत में ही है और वापसी की तारीख को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है। यही स्थिति जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के साथ भी बताई जा रही है, जो अभी तक अपने देश नहीं लौट पाई है।
खिलाड़ियों की चिंता और आगे की राह
खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए यह स्थिति असामान्य है। टूर्नामेंट खत्म होने के बाद भी देश से बाहर रुकना मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। हालांकि भारतीय क्रिकेट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां टीमों की सुविधा का ध्यान रख रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक हवाई मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक इंतजार ही एकमात्र विकल्प है। वेस्टइंडीज के लिए यह समय खेल से ज्यादा धैर्य और संयम की परीक्षा बन गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि हालात कब सामान्य होंगे और टीम अपने घर कब लौट पाएगी।

