IND vs PAK को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। भारत और पाकिस्तान (Ind vs Pak) के बीच 15 फरवरी को होने वाला यह हाई-वोल्टेज मुकाबला कोलंबो के R. Premadasa Stadium में खेला जाएगा। यह मैदान अपनी धीमी और स्पिन मददगार पिच के लिए जाना जाता है। मौजूदा टूर्नामेंट में यहां अब तक तीन मुकाबले खेले जा चुके हैं—श्रीलंका बनाम आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया बनाम आयरलैंड और जिम्बाब्वे बनाम ऑस्ट्रेलिया। इन तीनों मैचों में एक बात साफ नजर आई कि बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं रहा।
अब तक इस मैदान पर 200 का आंकड़ा कोई भी टीम नहीं छू सकी है। सबसे बड़ा स्कोर ऑस्ट्रेलिया ने आयरलैंड के खिलाफ 182/6 का बनाया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिच बल्लेबाजों के लिए पूरी तरह सपाट नहीं है। शुरुआत में गेंद थोड़ी रुककर आती है और जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, स्पिनरों को मदद मिलने लगती है। ऐसे में भारत-पाक मैच में भी बड़ा स्कोर बनना आसान नहीं दिख रहा।
चौथा मैच, लेकिन दबाव सबसे ज्यादा
मौजूदा वर्ल्ड कप में यह इस मैदान का चौथा मुकाबला होगा, लेकिन दबाव और माहौल के लिहाज से यह सबसे बड़ा मैच माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान (Ind vs Pak) के बीच मैच में हमेशा अतिरिक्त मानसिक दबाव रहता है। ऐसे में बल्लेबाज अक्सर संभलकर शुरुआत करते हैं, जिससे रन गति थोड़ी धीमी हो सकती है।
अगर भारत पहले बल्लेबाजी करता है और शुरुआती ओवरों में विकेट नहीं गंवाता, तो 180 से 190 के बीच का स्कोर संभव हो सकता है। हालांकि 200 का आंकड़ा छूना मुश्किल दिखता है, जब तक कि पिच उम्मीद से ज्यादा फ्लैट न निकले। दूसरी ओर, अगर पहले गेंदबाजी करने वाली टीम नई गेंद से जल्दी विकेट निकाल लेती है, तो 160-170 का स्कोर भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करना भी आसान नहीं माना जाता, खासकर जब पिच दूसरी पारी में और धीमी हो जाए।
बल्लेबाजों की परीक्षा या स्पिनरों की जन्नत?
(Ind vs Pak) के इस बड़े मुकाबले में पिच का रोल अहम रहने वाला है। आर प्रेमदास स्टेडियम को लंबे समय से स्पिनरों के लिए स्वर्ग कहा जाता रहा है। यहां गेंद अक्सर दोहरी गति से आती है, यानी कभी तेज तो कभी धीमी। यही कारण है कि बल्लेबाजों के लिए टाइमिंग बैठाना आसान नहीं होता।
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मौजूदा टूर्नामेंट में भी स्पिन गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। मिडिल ओवरों में रन रोकने और विकेट लेने में स्पिनरों की भूमिका अहम रही है। भारत और पाकिस्तान दोनों टीमों के पास क्वालिटी स्पिन अटैक मौजूद है, ऐसे में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। अगर पिच सूखी रही तो स्पिनरों का असर और बढ़ेगा। वहीं, अगर हल्की नमी रही तो शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी स्विंग मिल सकती है। कुल मिलाकर यह पिच संतुलित जरूर है, लेकिन हल्का झुकाव गेंदबाजों की तरफ दिखाई देता है।
कोलंबो में भारत का रिकॉर्ड क्या कहता है?
कोलंबो के इस मैदान पर भारत का टी20 रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। टीम इंडिया ने यहां अब तक 15 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 11 में जीत दर्ज की है और केवल 4 मैच हारे हैं। यह आंकड़ा भारतीय टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। बड़े मुकाबलों में अनुभव और रिकॉर्ड अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत-पाक (Ind vs Pak) मैच में रणनीति का भी बड़ा महत्व रहेगा। टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला कर सकती है, ताकि पिच के व्यवहार को समझते हुए लक्ष्य का पीछा किया जा सके। हालांकि अगर स्कोर 180 के आसपास पहुंच जाता है तो दबाव लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम पर ज्यादा होगा। IND vs PAK T20 WC 2026 Pitch Report को देखते हुए इतना तय है कि यह मुकाबला सिर्फ बल्लेबाजों के दम पर नहीं, बल्कि गेंदबाजों की सूझबूझ और कप्तानी के फैसलों पर भी निर्भर करेगा। कोलंबो की पिच इस बार चौके-छक्कों की बरसात कराएगी या फिर स्पिन का जाल बिछेगा—इसका जवाब मैच के दिन ही मिलेगा, लेकिन संकेत यही हैं कि गेंदबाजों का सिक्का ज्यादा चल सकता है।

